Kya Hua Tera Vada

वोह जो दावा करते थे के जी ना सकेंगे तुम्हारे बिन
आज बस गएँ हैं जा कर हमसे कोसों दूर
वोह जो कहते थे के बिना तेरे ज़िन्दगी मोहाल है
उनका पैगाम आए गुज़र गए हैं हजारों दिन
राजीव वोह लोग कुछ और ही थे जो मर जाते थे अपने वादे पे
हर हाल में जो कायम रहते थे अपने इरादे पे
 फितरत बदल गई दुनिया बदल गई ज़माने बदल गए
क्यूँ ढूँढता है तू वफ़ा बेवकूफ दुनिया बिक जाती है आज अपनी मुरादों पे


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