मुझे थोडा यकीं सा दिला दो, के मैं जिंदा हूँ अभी दिल में थोड़े अरमान से जगा दो, के मैं जिंदा हूँ अभी बिन तेरे तन्हाई में रोज़ रोज़ तिल तिल मरना मुझे कोई आबे हयात पिला दो, के मैं जिंदा हूँ अभी होशो हवाश गुम हैं मुद्दत से , मगर बीमार नहीं हूँ मैं तेरे सजदे में सर मेरा झुका दो , के मैं जिंदा हूँ अभी यह माना के तेरे काबिल नहीं हूँ मैं, तेरे सपनो के लायिक नहीं हूँ मैं मगर मुझे नाचीज़ समझ कर न गवा दो , के मैं जिंदा हूँ अभी तडपते रहे हैं तेरे हिजर में ताउम्र हम चुपके चुपके जिगर में नश्तर और न चुभा दो , के मैं जिंदा हूँ अभी तेरी जुदाई में दिल की धडकने रुक रुक कर चलती हैं मुझे मुर्दा समझ कर कहीं न जला दो, के मैं जिंदा हूँ अभी मुझे थोडा यकीं सा दिला दो, के मैं जिंदा हूँ अभी दिल में थोड़े अरमान से जगा दो, के मैं जिंदा हूँ अभी By Rajeev Kapoor "Akela"