आपके आ जाने से....

दिल का कोना कोना खिल उठा आपके आ जाने  से
महफ़िल में रौनक  सी आ गई आपके आ जाने  से

कहने को तो जी लेते थे हम आपके बिना भी जानेजाना
जैसे मुर्दे में जान सी आ गई आपके आ जाने से

चारों  तरफ खिजां का रंग चड़ा था, तम्मना-ऐ-गुलिस्तान  में
बाद मुद्दत ,  बहार सी छा   गई, आपके आ जाने से

दिन गिना करते थे अपने मरने के  हर रोज़. हम
फिर से  जीने की चाह सी आ गई, आपके आ जाने से

मारे मारे  फिरते थे  खाना बदोशो की  तरह गली गली हम
जैसे किसी मुसाफिर को पनाह सी आ गई, आपके आ जाने से

पैमाने-दर-पैमाना  पीने के बाद भी होश रहता था हमें
बिन पिए आज खुमारी सी छा   गई, आपके आ जाने से

सोचा करते थे के यह कहेंगे वोह कहेंगे आपसे मिलने के बाद
मगर जुबान पे  ख़ामोशी सी छा गई,  आपके आ जाने से  

दिल का कोना कोना खिल उठा आपके आ जाने  से
महफ़िल में रौनक  सी आ गई आपके आ जाने  से

By Rajeev Kapoor "Akela"



Comments

  1. सोचा करते थे के यह कहेंगे वोह कहेंगे आपसे मिलने के बाद
    मगर जुबान पे ख़ामोशी सी छा गई.............
    वाह वाह .....राजीव कपूर साहिब किया खूब लिखा है ....

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

Ab Ke Ham Bichhare To--------

Ranzish Hi Sahi---------